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Ppf vs SIP

PPF Vs SIP - जानिए 15 साल बाद कहां बनेगा ज्यादा पैसा !!!


public provident fund vs systematic investment plan
Image by Tumisu from Pixabay


             अगर आप 15 साल के लंबे समय तक अपने पैसे को कहीं पर निवेश करने के बारे में सोच रहे हैं, तो आज के समय में आपके पास निवेश करने के लिए काफी सारे विकल्प मौजूद है लेकिन इन सब विकल्प को छोड़कर आज हम PPF और SIP दोनों के बारे में बात करेंगे और आपको बताएंगे कि इन दोनों में 15 साल तक निवेश करने के बाद मैच्योरिटी पर आपको रिटर्न के मामले में किस में ज्यादा फायदा देखने को मिलेगा |

PPF क्या होता है ?

           पीपीएफ यानी कि पब्लिक प्रोविडेंट फंड भारत सरकार द्वारा चलाई जाने वाली एक निवेश की स्कीम है जिसमें आपको मिनिमम 15 साल तक निवेशीत रहना होता है और इसमें आप हर साल डेढ़ लाख रुपए तक निवेश कर सकते हैं | 15 साल बाद भी अगर आप चाहे तो इसमें 5-5 सालों के अंतराल तक जितनी बार चाहे उतनी बार इसमें निवेशीत रह सकते हैं | इसमें फिलहाल आपको 7.1% का रिटर्न देखने को मिलेगा लेकिन इसमें हर 3 महीने बाद सरकार बदलाव कर सकती है |

पीपीएफ क्या होता है ?

पीपीएफ यानी की पब्लिक प्रोविडेंट फंड भारत सरकार द्वारा चलाई जाने वाली एक निवेश की स्कीम है |

पीपीएफ में कैसे निवेश कर सकते हैं ?

पीपीएफ में निवेश करने के लिए आप किसी भी नजदीकी सरकारी बैंक या पोस्ट ऑफिस में खाता खुलवा सकते हैं |

पीपीएफ में कितना ब्याज मिलता है ?

पीपीएफ में फिलहाल 7.1% का ब्याज मिलता है लेकिन हर तीन महीने बाद इसकी समीक्षा होती है और इसमें बदलाव हो सकता है |

पीपीएफ में कितना पैसा निवेश कर सकते हैं ?

पीपीएफ में आप 500 रुपये से लेकर 1,50,000 रुपये तक निवेश कर सकते हैं |

पीपीएफ में कितने साल तक निवेश करना होता है ?

पीपीएफ में आपको कम से कम 15 साल तक निवेश करना होता है |

पीपीएफ में निवेश करने पर कितना टैक्स लगता है ?

पीपीएफ में निवेश की हुई रकम पर आपको इनकम टैक्स ऐक्ट 80 सी के तहत टैक्स छूट मिलती है और परिपक्वता पर मिलने वाली पूरी रकम भी टैक्स फ्री होती है |


SIP क्या होती है ?

            SIP यानी कि सिस्टमैटिक इन्वेस्टमेंट प्लान म्युचुअल फंड में निवेश करने का एक बेहतरीन तरीका है जिससे आपकी निवेश की हुई रकम पर लंबे समय में मार्केट के उतार-चढ़ाव का ज्यादा प्रभाव देखने को नहीं मिलता | SIP में निवेश करने के बाद रिटर्न की कोई गारंटी नहीं होती लेकिन ऐसा देखा गया है कि लंबे समय तक निवेशीत रहने पर आपको 12% या उससे ज्यादा का रिटर्न अमूमन इसमें मिल जाता है | इसमें मैक्सिमम निवेश की कोई सीमा नहीं होती है |

● फायदे और नुकसान

PPF

          पीपीएफ में निवेश करने का सबसे बड़ा फायदा यह है कि यह भारत सरकार द्वारा संचालित होने के कारण इसमें पैसे डूबने का खतरा जरा भी नहीं रहता और साथ में इसमें निवेश करने पर आपको इनकम टैक्स एक्ट 80c के तहत टैक्स छूट भी मिलती है और साथी में निवेश की हुई रकम जब मेच्योर होती है तब एक साथ मिलने वाली रकम भी टैक्स फ्री होती है |

          लेकिन बात करें इसके नुकसान की तो इसमें 15 साल तक आपका पैसा निवेशीत रहता है, जिसे आप जरूरत पड़ने पर 15 साल से पहले कुछ ही कंडीशन में निकाल सकते हैं | इसमें सिर्फ 7.1% ही ब्याज मिलता है जो महंगाई दर को मात देने में सक्षम नहीं है |

SIP

           SIP यानी के सिस्टमैटिक इन्वेस्टमेंट प्लान के फायदे की अगर बात करें तो इसमें लंबे समय तक निवेशीत रहने पर आपको तकरीबन 12% तक का रिटर्न देखने को मिल जाता है | जो महंगाई दर को मात देने के लिए सक्षम माना जाता है | SIP का दूसरा फायदा यह है कि इसमें आपको थोड़ी-थोड़ी करके हर महीने रकम जमा करनी होती है तो इसमें आपको ज्यादा पैसा भी एक साथ नहीं देना पड़ता |

          अब अगर बात करें इसके नुकसान की तो इसमें रिटर्न की कोई गारंटी नहीं होती है और अगर आपने सही म्युचुअल फंड का चुनाव नहीं किया तो आपको लंबे समय बाद भी नुकसान उठाना पड़ सकता है और कभी कभी आपको अनुमानित रिटर्न भी देखने को नहीं मिलते |

● अब जानते हैं कि 15 साल तक निवेश करने के बाद PPF और SIP दोनों में से कहां पर ज्यादा पैसा बनेगा |

PPF

          PPF में अगर आप हर महीने 12500 रुपए का निवेश करते हैं, तो साल में आप डेढ़ लाख रुपए का निवेश करेंगे, जिससे आपको 15 साल के बाद मैच्योरिटी पर 7.1% के रिटर्न के हिसाब से 4068209 रुपए मिलेंगे |

SIP

         अगर आप किसी अच्छे फंड में हर महीने की 12500 रुपए की SIP करते हैं, तो पूरे साल में आप डेढ़ लाख रुपए का निवेश करेंगे, जिससे आपको 15 साल के बाद अगर 12% का रिटर्न मिलता है तो आपको 6307200 रुपए मिलेंगे |

● निष्कर्ष

         तो देखा आपने दोस्तों, 15 साल तक PPF और SIP दोनों में 12500 रुपए का निवेश करने के बाद मैच्योरिटी पे आपको SIP में ज्यादा रिटर्न देखने को मिलता है |

Blog Writer - Arnav Talsania


(Disclaimer :- Mutual Fund investments are subject to market risks, read all scheme related documents carefully before investing.)

( डिस्क्लेमर :- म्यूचुअल फंड निवेश बाज़ार जोखिम के अधीन हैं, योजना संबंधी सभी दस्तावेज़ों को सावधानी से पढ़ें | यहां पर दी गई जानकारी हमारे निजी विचार है इसमें किसी भी प्रकार की निवेश की सलाह नहीं दी गई है | तो अपना किसी भी प्रकार का निवेश करने से पहले सेबी द्वारा अधिकृत निवेश सलाहकार की सलाह जरूर ले |)

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