How Compounding Works In Mutual Funds
क्या आप जानते हैं कि कंपाउंडिंग से आपके म्युचुअल फंड में कई गुना उछाल कैसे देखने को मिलता है ?
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| Image by OpenClipart-Vectors from Pixabay |
आप में से काफी सारे लोग म्युचुअल फंड में निवेश तो करते हैं लेकिन उन्हें यह पता ही नहीं होता की म्युचुअल फंड में पैसे बढ़ते कैसे हैं और इसमें कंपाउंडिंग यानी के चक्रवर्ती ब्याज काम कैसे करता है |
तो आज हम आपको बताएंगे कि म्यूचुअल फंड में आखिर चक्रवर्ती ब्याज कैसे काम करता है और यह कैसे आपके पैसों को 1 गुना या 2 गुना नहीं बल्कि 1000 गुना से भी ज्यादा बढ़ाने की क्षमता रखता है |
● कंपाउंडिंग क्या होता है ?
● चलिए कंपाउंडिंग को आसान भाषा में उदाहरण से समझते हैं |
अगर आपने 10000 रुपए 3 साल के लिए कहीं पर निवेश किये और उस पर आपको 1 साल में 12% का ब्याज मिला तो अगले साल आपका मूलधन ब्याज के साथ 11200 रुपए हो जाएगा |अब दूसरे साल में आपको 12% ब्याज उन 11200 रुपए पर मिलेगा जिससे 2 साल के बाद आपका पैसा 11200 रुपए + 1344 रुपए (ब्याज) = 12544 रुपए हो जाएगा |
अब तीसरे साल आपको फिर से ब्याज के साथ इकट्ठे हुए उन 12544 रुपए की रकम पर 12% का ब्याज मिलेगा | जिससे 3 साल के बाद आपकी रकम बढ़ाकर 14049 रुपए हो जाएगी |
तो देखा आपने दोस्तों के कंपाउंडिंग में मूलधन पर मिलने वाले ब्याज पर भी आपको ब्याज मिलता है, तो जितना ज्यादा समय आप अपने निवेश को देंगे उतना ही कंपाउंडिंग आखिरी के समय में तेज होगा |
● कंपाउंडिंग म्युचुअल फंड में कैसे काम करता है ?
आप किसी भी म्युचुअल फंड में जब खरीदारी करते हैं तब आपको उस म्युचुअल फंड की यूनिट दी जाती है जिसमें एक यूनिट की वैल्यू उस म्युचुअल फंड के नेट ऐसेट वैल्यू के आधार पर होती है और नेट ऐसेट वैल्यू हर रोज मार्केट के उतार-चढ़ाव के मुताबिक बदलती है |तो आपने जितने रुपए का फंड में निवेश किया उस दिन के नेट ऐसेट वैल्यू के आधार पर आपको यूनिट अलॉट कर दी जाती है | अब जितनी ज्यादा यूनिट आपके पास होगी उतना ही आपका कंपाउंडिंग ज्यादा काम करेगा क्योंकि जितनी नेट ऐसेट वैल्यू बढ़ेगी उतनी आपके सारे यूनिट की वैल्यू बढ़ेगी |
▪︎ चलिए इस उदाहरण से समझते हैं
अगर आपने 1000 रुपए किसी म्युचुअल फंड स्कीम में निवेश किया और तब उसकी NAV यानी कि नेट ऐसेट वैल्यू 10 रुपए हो तो आपको 1 यूनिट के 10 रुपए के हिसाब से 100 यूनिट मिल जाएंगे |अब आप धीरे-धीरे SIP करते हुए या फिर लम सम करते हुए अपने यूनिट को बढ़ते जाएंगे तो धीरे-धीरे करके कुछ सालों में आपकी यूनिट काफी बढ़ जाएगी और उसके साथ साथ NAV भी बढ़ती जाएगी और इस प्रकार से आपका पैसा दुगना चौगुन होता जाएगा |
● कंपाउंडिंग का फायदा उठाने के लिए आपको कौनसी चीजों का ध्यान रखना चाहिए, चलिए जानते हैं |
(1) अपना निवेश जल्दी शुरू करेंम्युचुअल फंड या किसी भी निवेश में कंपाउंडिंग के अच्छे से काम करने के लिए समय काफी महत्वपूर्ण है, इसलिए आप अपना निवेश जितना जल्दी शुरू करेंगे आपके निवेश पर कंपाउंडिंग का इफेक्ट उतना ही अच्छा देखने को मिलेगा |
(2) लंबे समय तक अपने निवेश को जारी रखें
जैसे हमने आपको आगे बताया कि म्यूचुअल फंड में कंपाउंडिंग के अच्छे से काम करने के लिए आप कितनी जल्दी शुरुआत करते हैं यह तो महत्वपूर्ण है लेकिन साथ में आपको लंबे समय तक निवेशीत रहना भी काफी महत्वपूर्ण है |
(3) अपने निवेश की रकम को समय-समय पर बढ़ाते रहना
अगर आप SIP से म्युचुअल फंड में निवेश करते हैं तो आपको समय-समय पर अपनी SIP की अमाउंट को बढ़ाते रहना जरूरी होता है, इससे जल्दी ज्यादा यूनिट इकट्ठा होने पर कंपाउंडिंग भी काफी तेज होती है और आप अपने लक्ष्य तक जल्दी पहुंच सकते है |

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