SIP vs RD - कौन सा निवेश आपके लिए होगा फायदे का सौदा और जानिए दोनों के फायदे और नुकसान |
आज हम इस ब्लॉग में बात करने वाले है कि SIP यानी के सिस्टमैटिक इन्वेस्टमेंट प्लान और RD यानी के रिकरिंग डिपॉजिट में से कौन सा निवेश आपके लिए सबसे अच्छा रहेगा और आपको कौन सी कंडीशन में SIP में निवेश करना चाहिए और कौन सी कंडीशन में RD में निवेश करना चाहिए यह भी हम आज जानेंगे और साथ ही में दोनों में निवेश करने के बाद होने वाले फायदे और नुकसान के बारे में भी जानेंगे |
अगर आप भी SIP या RD में निवेश करने के बारे में सोच रहे हैं तो यह ब्लॉग को पूरा जरूर पढ़िए क्योंकि यह आपके लिए एक फायदे का सौदा हो सकता है |
आजकल देश में महंगाई बहुत ज्यादा बढ़ती जा रही है और साथी में हमारी ज़रूरतें भी उसके साथ बढ़ती जा रही है इसीलिए हम में से काफी सारे लोग निवेश के लिए ऐसे विकल्प ढूंढते हैं जिसमें कम से कम पैसों को निवेश करके एक बड़ा फंड तैयार किया जा सके |
हमारे भारत देश में महीने में, हफ्ते में और हर दिन निवेश करने के काफी सारे विकल्प मौजूद है | लेकिन आज हम यहां पर महीने में एक बार निवेश करने वाले विकल्प जैसे की SIP और RD के बारे में बात करेंगे |
● RD (रिकरिंग डिपॉजिट्स)
![]() |
| Image by Free stock photos from www.rupixen.com from Pixabay |
▪︎ इसके फायदे :-
(1) RD यानी कि रिकरिंग डिपॉजिट्स निवेश करने का सबसे आसान और सुरक्षित तरीका है | इसमें आपको कभी पैसे डूबने का डर नहीं रहेगा |
(2) RD मे आप हर महीने एक तई की हुई राशि को 1,2,3,4,5 या 10 साल तक भी निवेश कर सकते हैं और निवेश की हुई राशि पर आपको हर साल तय किया हुआ निश्चित ब्याज मिल जाता है |
(3) अगर आप अपने निवेश को लंबे समय तक चालू रखते हैं तो हर साल आपको चक्रवृद्धि ब्याज का फायदा भी मिलता है |
(4) इस खाते को आप किसी भी बैंक या पोस्ट ऑफिस में आसानी से खुलवा सकते हैं |
(5) इस खाते में आप छोटी-छोटी राशि हर महीने निवेश करके लंबे समय में एक बड़ा सा फंड तैयार कर सकते हैं जो कि आपके लिए भविष्य में काफी उपयोगी हो सकता है | तो इस खाते में निवेश करते समय आपको एक साथ पैसे देने की जरूरत नहीं रहेगी |
(6) RD कम आय वाले लोगों के लिए एक बेहतरीन और सबसे सुरक्षित निवेश का विकल्प है और यह छोटी अवधि के निवेश, जैसेकी 1 या 2 साल के लिए भी काफी सुरक्षित माना जाता है |
(7) RD खाता होने पर आपको इसके सामने लोन या ओवरड्राफ्ट की फैसिलिटी भी मिलती है |
(8) रिकरिंग डिपॉजिट्स खाता खुलवाने के दौरान शुरुआत में जो ब्याज दर हमें मिलता है वहीं पूरे समय के दौरान रहता है तो भविष्य में ब्याज दर घटने पर भी आपका ब्याज कम नहीं होगा |
(9) अगर आप एक वरिष्ठ नागरिक यानी के एक सीनियर सिटीजन है तो आपको उस समय पर मिलने वाले ब्याज दर में 0.5% ब्याज ज्यादा मिलेगा |
▪︎ इसके नुकसान :-
(1) इसका सबसे बड़ा नुकसान इसमें मिलने वाला ब्याज है जो की 5.8% से लेकर 6.8% तक आपको मिलता है और किसी-किसी बैंकों में आपको यह थोड़ा सा ज्यादा भी मिल सकता है लेकिन यह लंबे समय में महंगाई दर को मात करने में आपके लिए जराभी फायदेमंद नहीं रहेगा |
(2) रिकरिंग डिपॉजिट्स में आपको समय से पहले अगर पैसे निकालने की जरूरत पड़े तो इसमें आपके कुछ प्रतिशत पैसे जुर्माने के रूप में काट लिए जाते हैं |
(3) रिकरिंग डिपॉजिट्स खाते के परिपक्व होने पर आपको इसमें ब्याज से जो कमाई हुई है उस पर टैक्स देना पड़ता है जो आपके टैक्स स्लैब के हिसाब से होता है |
(4) अगर आपका खाता परिपक्व होने के समय पर आपको मिलने वाला ब्याज 40000 रुपए से ज्यादा होता है तो उस पर आपकी रकम में से TDS काटा जाता है जो की 10% होता है और अगर आप एक वरिष्ठ नागरिक है तो यह TDS 50000 रुपए के ऊपर की रकम पर काटा जाता है |
(5) RD खाते में अगर आप किसी वजह से उस महीने पैसे ना डाल पाए तो आपको इसके लिए बैंक द्वारा जुर्माना लगाया जाता है और इसमें थोड़े समय तक SIP के जैसे निवेश को बंद करने का कोई विकल्प नहीं होता |
(6) बैंक में आप इस खाते को बेशक 1 साल या 2 साल के लिए खुलवा सकते हैं लेकिन पोस्ट ऑफिस में आपको इसे 5 साल के लिए खुलवाना होगा क्योंकि यहां पर 1 साल वाला विकल्प आपको नहीं मिलेगा |
● SIP (सिस्टमैटिक इन्वेस्टमेंट प्लान)
![]() |
| Image by PublicDomainPictures from Pixabay |
▪︎ इसके फायदे :-
(1) SIP यानी के सिस्टमैटिक इन्वेस्टमेंट प्लान अलग-अलग म्युचुअल फंड द्वारा इक्विटी मार्केट में निवेश करने का सबसे बेहतरीन तरीका है | इसमें आप एक निश्चित राशि एक निश्चित समय पर हर महीने, हर हफ्ते या फिर हर दिन निवेश कर सकते हैं, जिससे लंबे समय के बाद आपके निवेश पर मार्केट के उतार-चढ़ाव का ज्यादा असर देखने को नहीं मिलता |
(2) SIP मे म्युचुअल फंड के माध्यम से निवेश की गई आपकी राशि को स्टॉक मार्केट में निवेश किया जाता है तो इसमें आपको लंबे समय में रिटर्न भी काफी ज्यादा मिलने की संभावना रहती है |
(3) SIP द्वारा निवेश की गई राशि पर लंबे समय में ज्यादा रिटर्न मिलने के कारण आप अपने निवेश से महंगाई दर को भी आसानी से मात दे सकते हैं |
(4) इसमें लंबे समय निवेशीत रहने के बाद आपको चक्रवर्ती ब्याज का फायदा बहुत ज्यादा मिलता है और आपका निवेश बहुत तेजी से आगे बढ़ता है |
(5) अगर सही समय पर सही अवधि के लिए सही फंड का चुनाव आपने कर लिया हो तो SIP माध्यम से म्युचुअल फंड द्वारा आप लंबे समय में करोड़पति भी आसानी से बन सकते हैं |
(6) SIP माध्यम द्वारा निवेश शुरू करने के लिए आपको ज्यादा बड़ी रकम की जरूरत नहीं होती आप सिर्फ महीने के 100 से 500 रुपए से भी इसे चालू कर सकते हैं |
(7) अगर लंबी अवधि की बात करें तो SIP से आप RD के मुकाबले कहीं गुना ज्यादा पैसा बना सकते हैं |
(8) इसकी सबसे अच्छी बात यह है कि इसमें आप जब चाहे तब अपनी SIP को चालू या बंद कर सकते हैं और इसे एक-दो महीने के लिए बंद (SIP Pause) करना चाहे तो भी कर सकते हैं | ऐसा करने पर आपको किसी भी प्रकार की पेनल्टी नहीं देनी पड़ती है |
(9) इसमें आप अपने पैसे कभी भी निकाल सकते हैं और इसमें कोई पेनल्टी नहीं लगती है हालांकि इसमें अलग-अलग वर्ग के फंड की निकासी के नियम अलग-अलग रहते हैं तो इसके लिए आपको योजना से जुड़े सभी दस्तावेजों को ध्यान से पढ़ना जरूरी होता है |
▪︎ इसके नुकसान :-
(1) अगर इसके सबसे बड़े नुकसान की बात करें तो यह निवेश इक्विटी मार्केट पर आधारित होने के कारण इसमें रिटर्न की कोई गारंटी नहीं होती है | इसमें कभी आपका निवेश आपके मूलधन सेभी कम हो सकता है और कभी आपका निवेश बहुत ज्यादा बढ़ भी सकता है |
(2) अगर इसके दूसरे सबसे बड़े नुकसान की बात करें तो हर समय मार्केट की कंडीशन एक जैसी ना होने के कारण कभी-कभार आपको पैसे की जरूरत पड़ने पर पैसे निकासी के समय नुकसान भी उठाना पड़ सकता है |
(3) छोटी अवधि के लिए SIP द्वारा किया गया निवेश कभी कभार बेहतर रिटर्न नहीं दे पाता |
(4) मार्केट की सही समझ ना होने पर गलत फंड का चुनाव कभी-कभार हमारे निवेश को RD जितना भी रिटर्न नहीं दे पाता | इसीलिए निवेश करने से पहले सेबी द्वारा अधिकृत निवेश सलाहकार की सलाह लेना काफी आवश्यक है |
☆ निष्कर्ष (Conclusion) ☆
![]() |
| Image by Peggy und Marco Lachmann-Anke from Pixabay |
अगर आप कम समय के लिए एक सुरक्षित निवेश करना चाहते हैं और अगर आपकी उम्र 55 साल से ऊपर है तो आपके लिए छोटी अवधि वाली रिकरिंग डिपॉजिट ही सही रहेगी |
लेकिन अगर आप छोटी उम्र के हैं और आपके पास रिटायरमेंट से पहले 15 से 20 या 30 साल तक का समय है और अगर आप रिस्क लेकर ज्यादा रिटर्न बनाना चाहते हैं तो आपके लिए SIP माध्यम से म्युचुअल फंड में निवेश करना सही रहेगा | लेकिन याद रखें कि अपने फंड का चुनाव करने से पहले निवेश सलाहकार की सलाह जरूर लें ताकि आप एक सही फंड का चुनाव कर पाए |
(Disclaimer :- Mutual Fund investments are subject to market risks, read all scheme related documents carefully before investing.)
( डिस्क्लेमर :- म्यूचुअल फंड निवेश बाज़ार जोखिम के अधीन हैं, योजना संबंधी सभी दस्तावेज़ों को सावधानी से पढ़ें | यहां पर दी गई जानकारी हमारे निजी विचार है इसमें किसी भी प्रकार की निवेश की सलाह नहीं दी गई है | तो अपना किसी भी प्रकार का निवेश करने से पहले सेबी द्वारा अधिकृत निवेश सलाहकार की सलाह जरूर ले |)




एक टिप्पणी भेजें